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TrustFinance Global Insights
2월 05, 2026
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पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने घोषणा की कि देश के बंदरगाहों के लिए रियायतें अब किसी एक कंपनी को जारी नहीं की जाएंगी। यह नीतिगत बदलाव सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद आया है जिसने सीके हचिंसन की सहायक कंपनी, पनामा पोर्ट्स कंपनी द्वारा दशकों पुराने अनुबंध को रद्द कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने अनुबंध को असंवैधानिक करार दिया, जिसमें हांगकांग स्थित कंपनी को दिए गए विशेष विशेषाधिकारों और कर छूट का हवाला दिया गया। फैसले के बावजूद, राष्ट्रपति मुलिनो ने कहा कि पनामा पोर्ट्स कंपनी तब तक दो नहर-किनारे वाले बंदरगाहों का संचालन जारी रखेगी जब तक कि अदालत का फैसला औपचारिक रूप से लागू नहीं हो जाता।
जवाब में, सीके हचिंसन ने पनामा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता कार्यवाही शुरू की है। इस विवाद ने चीन से भी कड़ी प्रतिक्रिया खींची है, जिसने इस फैसले के लिए 'भारी कीमत' चुकाने की चेतावनी दी है। यह अनिश्चितता सीके हचिंसन के अपने बंदरगाह व्यवसायों की $23 बिलियन की नियोजित बिक्री पर संदेह पैदा करती है।
दो रणनीतिक बंदरगाहों का भविष्य का स्वामित्व अनिश्चित बना हुआ है क्योंकि पनामा कानूनी और राजनयिक नतीजों से निपट रहा है। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता मामले के एक लंबी प्रक्रिया होने की उम्मीद है, और बाजार के जानकार क्षेत्रीय व्यापार और निवेश पर उनके प्रभाव के लिए घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखेंगे।
प्र: सीके हचिंसन का अनुबंध क्यों रद्द किया गया?
उ: पनामा के सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक माना क्योंकि कंपनी को विशेष विशेषाधिकार और कर छूट दी गई थी।
प्र: सीके हचिンスन का अगला कदम क्या है?
उ: कंपनी ने अपने हितों की रक्षा के लिए पनामा सरकार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता कार्यवाही शुरू की है।
स्रोत: Investing.com

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