मास्टरकार्ड, वीज़ा यूके में कार्ड शुल्क को लेकर कानूनी लड़ाई हार गए।

User profile image

TrustFinance Global Insights

1월 15, 2026

2 min read

0

मास्टरकार्ड, वीज़ा यूके में कार्ड शुल्क को लेकर कानूनी लड़ाई हार गए।

उच्च न्यायालय ने शुल्क सीमा पर नियामक के अधिकार को बरकरार रखा

लंदन के उच्च न्यायालय ने यूके के भुगतान प्रणाली नियामक के खिलाफ मास्टरकार्ड, वीज़ा और रेवोल्यूट द्वारा लाई गई एक कानूनी चुनौती को खारिज कर दिया है। यह फैसला पीएसआर के सीमा पार इंटरचेंज शुल्क को सीमित करने के अपने प्रस्ताव के साथ आगे बढ़ने के अधिकार की पुष्टि करता है, हालांकि विशिष्ट स्तर और कार्यान्वयन की समय-सीमा अभी तक निर्धारित नहीं की गई है।

नियामक विवाद का अवलोकन

यह मामला पीएसआर की उस योजना पर केंद्रित था, जिसे दिसंबर 2024 में परामर्श के लिए घोषित किया गया था, जिसमें यूरोपीय उपभोक्ताओं द्वारा यूके के व्यवसायों से ऑनलाइन खरीदारी करने पर लगने वाले शुल्क को सीमित किया जाना था। नियामक ने पहले चिंता व्यक्त की थी कि ब्रेक्जिट के बाद मास्टरकार्ड और वीज़ा दोनों ने इन शुल्कों को "अनावश्यक रूप से उच्च स्तर" तक बढ़ा दिया था। अदालत का फैसला इस मामले में पीएसआर के अधिकार क्षेत्र की पुष्टि करता है।

भुगतान और वाणिज्य पर संभावित प्रभाव

प्रस्तावित शुल्क सीमाएं उन यूके के व्यापारियों के लिए लागत कम कर सकती हैं जो यूरोपीय संघ के भीतर ग्राहकों को सामान और सेवाएं बेचते हैं। इसके विपरीत, कार्ड नेटवर्क का तर्क है कि ऐसी सीमाएं उनके द्वारा प्रदान किए जाने वाले मूल्य और नवाचार को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती हैं। वीज़ा ने पहले पीएसआर के निष्कर्षों पर विवाद किया था, यह सुझाव देते हुए कि मूल्य नियंत्रण उन लाभों को नुकसान पहुंचा सकते हैं जो उपभोक्ताओं और व्यवसायों को कार्ड भुगतान से मिलते हैं।

सारांश और अगले कदम

कानूनी चुनौती खारिज होने के साथ, भुगतान प्रणाली नियामक अब शुल्क सीमा के संबंध में अपनी परामर्श और निर्णय लेने की प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ सकता है। अब ध्यान प्रस्तावित विनियमन के विशिष्ट विवरणों और उद्योग की प्रतिक्रिया पर केंद्रित होगा, जैसे ही पीएसआर अंतिम सीमा संरचना निर्धारित करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र: कानूनी चुनौती किस बारे में थी?
उ: मास्टरकार्ड, वीज़ा और रेवोल्यूट ने सीमा पार कार्ड शुल्कों पर मूल्य सीमा लगाने के यूके के भुगतान प्रणाली नियामक के अधिकार को चुनौती दी थी।

प्र: अदालत का फैसला क्या था?
उ: उच्च न्यायालय ने भुगतान प्रणाली नियामक के पक्ष में फैसला सुनाया, भुगतान कंपनियों की चुनौती को खारिज करते हुए।

प्र: आगे क्या होगा?
उ: नियामक शुल्क सीमा पर परामर्श करने और संभावित रूप से लागू करने की अपनी योजनाओं के साथ आगे बढ़ेगा, जिसका स्तर और समय अभी तय होना बाकी है।

स्रोत: Investing.com

द्वारा लिखा गया

User profile image

TrustFinance Global Insights

AI-assisted editorial team by TrustFinance curating reliable financial and economic news from verified global sources.

टैग्स: